प्रदेश भर में अस्पतालों के सर्वे के बाद तैयार हुई 4500 पन्नों की रिपोर्ट HC में पेश

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रिपोर्ट – दीपक कुमार

उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने प्रदेश के अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया साढ़े चार हजार पन्नों जवाब तैयार किया गया है जिसका शपथ पत्र फाइल करना संभव नही है। मामले को सुनने के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देशित करते हुए कहा है इसमें वेरिफिकेशन कर इसकी एक कॉपी याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराए। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 15 जून की तिथि नियत की है।आपको बता दे टिहरी निवासी शांति प्रसाद ने 2013 में उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर कहा था कि टिहरी के अस्पतालों में मूलभूत स्वास्थ्य सेवाए बहुत लचर परिस्थितियों में है। जिसपर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने इसे गम्भीरता से लेते हुए याचिकाकर्ता से राज्य सरकार को एक फॉर्म के माध्यम से प्रदेश भर में अस्पतालों के सर्वे कराने के निर्देश दिए थे जिसमे उत्तराखंड के अस्पतालों व सामुदायिक केंद्रों में कौन कौन सी सुविधाएं उपलब्ध है और कौन से मूलभूत सुविधाएं नही है कोर्ट को अवगत कराएं। प्रदेश भर में सर्वे के बाद राज्य सरकार ने 4500 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। जिसे न्यायालय में पेश किया गया।

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